Sunday, February 3, 2019

रावण

रावण ज्ञानी था, 
चलो मान लिया, ज्ञानी होना अच्छी बात है लेकिन आप उस ज्ञान का उपयोग समाज मे कहाँ और किस दिशा में करते हैं, ये आपकी स्तिथी उस समाज मे तय करती है कि आप नायक माने जाए या खलनायक!!
ज्ञानी तो ओसामा बिन लादेन भी रहा होगा तभी तो प्लान करके वर्ल्ड ट्रेड सेंटर उड़ा कर यूएस के सुरक्षा मुख्यालय पेंटागन तक प्लेन अटैक प्लान कर गया,
तो कल आप ओसामा को भी उसके ज्ञान के लिए पूज लेंगे क्या!!

रावण शिव जी का उपासक था,
बहुत अच्छी बात है, लेकिन उसकी आदियोगी महादेव की उपासना का उद्देश्य क्या था, या क्या रहा होगा?
उपासना तभी फलीभूत होती है जब उसका उद्देश्य पवित्र हो, रावण का उद्देश्य पवित्र होता तो शायद महादेव उसके साथ लंका चले ही जाते बीच रास्ते क्यो रुक गए!!
महादेव ने तो वरदान असुरों को भी दिए थे, लेकिन उनका अंत भी कैसा हुआ ये भी सर्वविदित है,
उपासना से शक्ति जरूर मिलती है लेकिन वो शक्ति उन हाथों में ही रह पाती है जो उसका सदुपयोग कर सकें,
वर्ना जो आपको एक क्षण में शक्ति दे सकता है वो अगले क्षण में आपको शक्तिविहीन भी कर सकता है!!

रावण ने अपनी बहन का बदला लेने के लिए सीताहरण किया!!
सूर्पनखा की नाक लक्ष्मण ने काटी, 
तुम्हारी परिभाषा के हिसाब से रावण अतिशक्तिशाली था, तो एक अतिशक्तिशाली महामायावी राक्षस एक महिला का छल से अपहरण करके कौन सी शक्ति दिखाना चाहता था!!
अगर वो इतना शक्तिशाली था तो उसने सीधे लक्ष्मण को सजा क्यो नही दी?
बहुत ज्ञानी बनने वाले ये क्यो भूल जाते हैं, भरी सभा मे द्रौपदी का वस्त्रहरण किया गया था, लेकिन पांडवो ने इसकी सजा वस्त्रहरण करने वाले दुशासन को दी, न की उसकी स्त्री का वस्त्र हरण किया!!

रावण महामायावी था चाहता तो राम को सेना समेत पल भर में नष्ट कर सकता था!!
शक्ति, माया, छल और बल से युद्ध नही जीते जाते।
जब आपका लक्ष्य पवित्र होता है और आपकी लड़ाई सत्य के लिये होती है, तो पूरी सृष्टि आपके मंतव्य को पूरा करने में आपका साथ देने जुट जाती है,
फिर समंदर को भी आपको रास्ता देना पड़ता है और संसाधन हीन सेना भी महामायावी असुरों का संहार करके लंका विजय कर लेती है!!

राम अच्छे पति और अच्छे पिता नही थे,
कोई अपनी पत्नी और बच्चों के लिए कैसा पति और कैसा पिता है ये उनकी पत्नी और बच्चे बताएंगे या आप ज्ञानी लोग?
रावण के बुरे कर्मो को आप उसकी मोक्ष प्राप्ति के लिए किया गया कार्य बताते हैं लेकिन राम की पत्नी के त्याग और पवित्रता के लिए दी गयी अग्नि परीक्षा में आप धारा 498 के तहत मुकदमा चाहते हैं!!

यकीन मानियेगा,
हर हिन्दू पर्व त्यौहारों पे अपने सस्ते ज्ञान का तड़का लगाकर खुद को भीड़ से हटकर दिखाने की कोशिश में आप डेकोरेटेड गधे ही लगते हैं!!

विजयादशमी पर्व का सिर्फ इतना सा संदेश होता है कि,
यदि आपके पास शक्ति है तो सत्य के लिए लड़ना सीखिए, गरीब असहाय लोगो को सबल दीजिए उनकी आवाज बनिए न कि शक्ति का दुरुपयोग करिए,
और बुराई कितनी भी ताकतवर हो अच्छाई से हार ही जाती है!!

बुराई पे अच्छाई की जीत के पर्व विजयादशमी की शुभकामनाएं 🙏❤️🙏

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